अगले साल भारत में शुरू होगी टेस्ला कारों की बुकिंग, जानें डीटेल्स

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नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता अमेरिकी कंपनी टेस्ला की कारों को कई देशों में पहचान बना चुकी है। ऐसे में भारत में इस कार के इन्ट्री को लेकर लोग इंतजार कर रहे है। वही इस कढ़ी में टेस्ला के सीईओ ने एलन मस्क ने हाल ही में बताया है कि वो जल्द ही भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारें उतारने वाले हैं। उन्होंने अगले साल कंपनी को भारत में लाने की उम्मीद जताई है। भारत में टेस्ला के फैंस काफी दिनों से इसको लेकर कंपनी के साईओ एलन मस्क से पूछ रहे हैं कि भारत में वह अपनी कार कब लॉन्च कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार टेस्ला भारत में प्लांट खोलने को लेकर सरकार से लगातार संपर्क में है। अगर टेस्ला भारत में प्लांट स्थापित करेगी तो घरेलू बिक्री के साथ कंपनी अपनी कारों को एक्सपोर्ट भी कर सकती है। फिलहाल, टेस्ला भारत में अपने कारोबार के विकास और भविष्य को लेकर अध्ययन कर रही है।

हाल ही में एलन मस्क ने एक ट्विटर यूजर को उसके सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि भारत में टेस्ला की कारों को बुक करने के लिए जनवरी 2021 तक के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया है कि कंपनी भारत में बुकिंग के लिए जल्द ही जानकारी साझा करेगी जिसे अगले साल जनवरी में बताया जाएगा।

उन्होंने आगे लिखा है कि वे जनवरी में कोनफिगरेटर को भी लॉन्च करेंगे। इस साल के शुरुआत से ही टेस्ला की भारत में आने को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। इससे पहले भी एक भारतीय ट्विटर यूजर द्वारा सवाल किये जाने पर एलन ने जल्द ही कार लाने का भरोसा दिलाया था।

बता दें कि टेस्ला की भारत में तब एंट्री होने वाली है जब देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सबसे अधिक पहल की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए और इलेक्ट्रिक वाहनों के लागत को कम रखने के लिए केंद्र सरकार फेम स्कीम चला रही है।

इस स्कीम के तहत देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना के विकास के लिए काम किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और सर्विस सेंटरों का निर्माण, कंपनियों और ग्राहकों को टैक्स में छूट और किफायती इलेक्ट्रिक वाहन की उपलब्धता शामिल है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तेजी से किया जा रहा है। दुनिया की सभी बड़ी इलेक्ट्रिक कंपनियों की नजर भारत पर तिकी है। हालांकि चार्जिंग व्यवस्था के उपलब्ध नहीं होने से कंपनियां भारत में निवेश से संकोच कर रही हैं।