भाजपा के अधिक सीट जीतने पर सीएम कुर्सी को लेकर जदयू से हो सकता है टकराव

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बिहार के 60 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि यदि चुनाव में भाजपा अधिक सीटें जीतती है, तो परिणाम सामने आने के बाद भाजपा और जदयू के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान हो सकती है। बिहार राज्य चुनाव पर शनिवार को जारी आईएएनएस एबीपी-सीवोटर ओपिनियन पोल के अनुसार, बिहार के 60 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि भाजपा-जदयू के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव होगा।

ओपिनियन पोल के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडी-यू से आगे भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है।

एबीपी-सीवीओटर द्वारा जारी बिहार राज्य चुनाव पर ओपिनियन पोल के आंकड़ों के अनुसार, नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली जेडी-यू और भाजपा गठबंधित एनडीए को विधानसभा चुनाव में 135-159 सीटें मिलेंगी, जो स्पष्ट बहुमत है।

ओपिनियन के अनुसार, भाजपा 73-81 सीटों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होगी, जबकि जेडीयू को 59-87 के बीच सीटें मिलेंगी।

भाजपा का चुनाव में 70 प्रतिशत स्ट्राइक रेट होगा, उसके 110 में से 77 सीटें जीतने की उम्मीद है। जेडी-यू की 115 सीटों में 63 के लीड के साथ 54.8 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट बहुत कम होगी।

करीब 60.9 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि गठबंधन के सहयोगियों भाजपा और जेडीयू के बीच टकराव होगा, जबकि 39.1 प्रतिशत को ऐसा नहीं लग रहा है।

नीतीश कुमार को प्रचार और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चेहरे के रूप में पेश किया गया है।

सर्वेक्षण में 30,678 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया, वहीं यह 1 से 23 अक्टूबर के बीच आयोजित कराया गया था। पिछले 12 सप्ताहों में कुल ट्रैकर के सैंपल की मात्रा 60,000 से अधिक है। इस सर्वे में सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया गया है और इसकी राज्य स्तर पर सटीकता में मार्जिन त्रुटि प्लस/माइनस 3 प्रतिशत और क्षेत्रीय स्तर पर प्लस/माइनस 5 प्रतिशत हो सकती है।

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रतिशत के अलावा लिंग, आयु, शिक्षा, ग्रामीण / शहरी, धर्म और जाति सहित ज्ञात जनगणना प्रोफाइल का डेटा भी सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।