कभी काम मांगने के लिए दरवाजो पर घंटो खड़े रहते थे पंकज त्रिपाठी, आज उनके आगे लाइन लगाते है फिल्म मेकर

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अगर इंसान संघर्ष करने की इच्छा रखता है और उसे लगता है कि वो जो चाहता है उसे वो हासिल कर ही लेगा तो फिर तो उसे कोई रोक ही नही सकता है और एक दिन वो बुलंदियों के शिखर पर पहुँच जाता है और ऐसी ही कहानी है पंकज त्रिपाठी की जिनको आज की डेट में हम सब लोग कालीन भैया के नाम से जानते है और मिर्जापुर सीरीज को लेकर के वो इन दिनों काफी चर्चा में भी रह रहे है. आज वो इतने बड़े आदमी हो गये है लेकिन हमेशा से वो इतने बड़े नही थे और उन्होंने काफी बुरा वक्त देखा है.

अपने एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने संघर्ष के दौरान के टाइम के बारे में बताया कि पिछले कुछ टाइम में मेरा करियर पूरी तरह से बदल गया है लेकिन हमेशा से ऐसा नही था. पहले मैं काम को ढूँढने जाता था और आज काम मुझे ढूंढते हुए मेरे पास आ जाता है.

एक वक्त था जब मैं घंटो तक ऑफिसो के बाहर बैठा रहता था और कहता था मुझे काम दे दो. मैं एक्टर हों मुझे काम दे दो और आज लोग खुद ही मेरे पास में काम लेकर के आ रहे है. पहले ऐसा था कि मैं शूटिंग स्पॉट पर पहुँचता था तो मुझे ये कह दिया जाता था कि टीम तो शूट करके जा चुकी है. अगर आपके अन्दर एक्टिंग करने का जूनून है तब ही आप यहाँ पर स्ट्रगल कर सकते है.

पंकज त्रिपाठी ने बॉलीवुड में गुंजन और स्त्री जैसी फिल्मे की है लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा हिट कुछ रहा है तो वो रहा है मिर्जापुर जिसमे उन्होंने अखंडानंद त्रिपाठी का रोल किया और जबरदस्त तरीके से लोगो के दिलो में बस गये. आज वो जगह जगह पर अपनी पहचान बना रहे है और इसके लिए उनको काफी मेहनत तो करनी ही पड़ी है .