मुगलसराय कोतवाली में हर महीने 35 लाख की अवैध वसूली की वायरल लिस्ट जांच में मिली सही, जानें पूरा मामला

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हाल में मुगलसराय कोतवाली में अवैध वसूली की एक लिस्ट वाइरल हुई थी, इस लिस्ट पर जाँच जारी थी। जाँच के बाद इस लिस्ट को सही पाया गया है। जी हाँ मुगलसराय कोतवाली में लाखों रुपए की अवैध वसूली की लिस्ट को अब सही पाया गया है। इस मामले की जाँच एलआर कुमार ने अपनी सौंपी है, एलआर कुमार सतर्कता अधिष्ठान के संयुक्त निदेशक है। इस जाँच रिपोर्ट में मुगलसराय इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा, और उनके स्टाफ समेत अन्य तीन चार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध वसूली की जाने की बात की सत्य पुष्टि हुई है।

इस मामले के वाइरल होने के दौरान ही मुगलसराय कोतवाली में बतौर इंस्पेक्टर तैनात शिवानंद मिश्रा का ट्रांसफर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ में हो गया था। इस मामले की जाँच शुरू होने से पहले ही एसपी ने शिवानंद मिश्रा को मुगलसराय कोतवाली से हटा करके पुलिस लाइन भेज दिया। अब इस करवाई को लेकर पूरे मुगलसराय पुलिस प्रसाशन में हड़कंप मचा हुआ है।

बता दें कि यह अवैध वसूली की लिस्ट 25 सितंबर 2020 को वाइरल हुई थी। इस लिस्ट में 35.64 लाख की अवैध वसूली हर महीने दिखाई गई थी। इसी के बाद इस मामले की जाँच सतर्कता अधिष्ठान के संयुक्त निदेशक एलआर कुमार को सुपुर्द की गई थी। एलआर कुमार ने अपनी जांच पूरी होने के बाद अब इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इंस्पेक्टर मुगलसराय शिवानंद एवम उनके सहकर्मी सहित तीन चार अन्य अज्ञात लोगों पर यह अवैध वसूली किये जाने की पुष्टि हुई है।


इस जांच में वसूली से प्राप्त वास्तविक सही धन राशि का आंकलन नही हो सका है। इस सूची में सीरियल नम्बर एक से बीस तक के लोगों द्वारा मुगलसराय एरिया में अवैध गतिविधि करना और थाने को इसके लिए पैसे भी देने की बात सत्य पुष्ट हुई है। पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। यह गाज इनमे से और भी कई पुलिस वालो पर गिर सकती है।

यह मामले अब तूल पकड़ चुका है एसपी हेमंत कुटियाल ने इस सारे मामले की इन्वेस्टिगेशन एसपी प्रेमचंद को सौंप दी है। इस जाँच में यह भी सामने आया है कि इन पूरे मामले की शिकायत पहले किसी पुलिस कर्मी ने की थी, लेकिन उच्चधिकारी ने इसपर कोई सुनवाई नही की थी। वहीं एसपी अमिताभ ठाकुर ने 25 सितंबर को एक ट्वीट किया था जिसमे इस कथित लिस्ट की जांच की बात उन्होंने की थी। जिसमे उन्होंने एडीजी वाराणसी को इस ट्वीट के जरिये अपनी बात कही थी।