अब पानी की बर्बादी करना पड़ेगा भारी, 5 साल तक की सजा और लाखो का जुर्माना

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हम हो या दुनिया  के किसी भी जगह के लोग है सब लोग पानी की बर्बादी को लेकर के बिलकुल भी सजग नही रहते है और आम तौर पर ये चीज खूब देखने में आती है कि लोग खूब जमकर के पीने का  पानी बहा देते है और पानी की टंकियां आदि भरते और ट्रांसपोर्ट करते समय पानी गिरता है बहता है और सडको पर भर जाता है जो अपने आप में बड़ी दिक्कत वाली बात है. मगर अब धीरे धीरे यहाँ पर भी चीजे टाइट होने वाली है क्योंकि पानी आखिर अनमोल जो है.

अब सीजीडब्लूए ने नया नियम पारित किया है जिसके अनुसार पीने योग्य पानी के दुरूपयोग पर जो बड़ी  मात्रा में होता है तो पांच साल की सजा या फिर एक लाख रूपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसा भारत में पहली बार हो रहा है जब इस तरह का कोई नियम आ रहा है.

अब सवाल ये है कि क्या ऐसा सीजीडब्लूए कर सकता है? तो जवाब है हाँ. इस बॉडी ने यहाँ पर पर्यावरण संरक्षण क़ानून के द्वारा दी गयी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस संसोधन या फिर कह सकते है नियम को पारित कर दिया है. इन्होने नियम पारित किया है कि जो भी अपने स्तर पर पानी की सप्लाई के लिए जिम्मेदार संस्थान नगर निगम और नगर पालिका आदि है वो सुनिश्चित करेगी कि भू पेयजल की व्यर्थ रूप से बार्बादी न की जाये. इस पर कार्यवाही के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया जाएगा.

इससे कई पर्यावरण प्रेमी लोग खुश है कि लोग इससे पानी की बर्बादी को शायद कुछ हद तक कम करे और उनको समझ में आये कि जल है तो कल है और इसके लिए सरकारे वैसे भी न जाने कितने ही वक्त से इतने बड़े स्तर पर कोशिशे तो कर ही रही है जो नजर आ रहा है.