बिहार चुनाव: जनता का ये है मूड, सर्वे में तेजस्वी के लिए बुरी खबर, बीजेपी-जेडीयू को इतनी सीटें

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बिहार में चुनाव के लिए बस अब चंद दिन बाकी हैं, उससे पहले आए सर्वे के नतीजों ने महागठबंधन की नींदें उड़ा दी हैं । एलजेपी के लिए भी सर्वे के नतीजे चिंता बढ़ाने वाले हैं ।

New Delhi, Oct 13: बिहार में 10 नवंबर का इंतजार हर किसी को है, इस दिन ये पता चल जाएगा कि अगले 5 सालों के लिए बिहार की कुर्सी पर कौन काबिज होगा । बिहार में 28 अक्‍टूबर से चुनाव होने हैं, ये 3 चरणों में होंगे । चुनाव से ऐन पहले टाइम्‍स नाउ और सी वोटर का ओपिनियन पोल सामने आया है । इस चुनावी सर्पे में बिहार की तस्‍वीर साफ होती नजर आ रही है । राज्‍य में चिराग पासवान- तेजस्‍वी यादव और नीतीश कुमार के बीच सीधा मुकाबला है । सर्वे में क्‍या कुछ निकलकर आया है आइए आपको बताते हैं ।

नीतीश का दबदबा कायम
बिहार के ताजा चुनावी हालातों के बीच हुए इस सर्वे में Bihar इस त्रिकोणीय मुकाबले में जीत नीतीश कुमार की होती दिख रही है । ओपिनियन पोल के मुताबिक तो यही लग रहा है कि एक बार फिर नीतीश कुमार सत्‍ता में वापसी करेंगे । बिहार चुनाव 2020 में जेडीयू का आरजेडी से सीधा मुकाबला है । हालांकि चिराग पासवान भी चुनाव में प्रमुख चेहरा बने हुए हैं, चुनाव से पहले एनडीए से अलग होकर पासवान ने भी नीतीश की टेंशन कुछ हद तक तो बढ़ाई ही है ।

सीटों का समीकरण
टाइम्‍स नाउ और सी वोटर सर्वे के मुताबिक, आगामी चुनावों में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन वाली एनडीए 48.2 फीसदी वोटों के साथ 160 सीटें जीत सकती है । गौर करने वाली बात यह है कि बीजेपी को 85, जबकि जेडीयू को 70 सीटें मिलने का अनुमान हैं । वहीं बात महागठबंधन की करें तो आरजेडी को 56 सीटें, जबकि कांग्रेस को महज 15 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले बार के मुकाबले 102 सीट कम है ।

पासवान को सिर्फ इतनी सीटें
ओपिनियन पोल के अनुसार एलजेपी को सिर्फ 5 सीटें मिलती दिख रही हैं ।  यानी एनडीए से अलग होने के बाद चिराग पासवान को कुछ खास फायदा होता नहीं दिख रहा है । बिहार की जनता उन्‍हें स्‍वतंत्र रूप से स्‍वीकार करने के मूड में नजर नहीं आ रही है ।chirag paswan आपको बता दें साल 2015 के विधानसभा चुनाव में भी एलजेपी ने अच्‍छा प्रदर्शन करती नहीं दिखाई दी थी । इस बार चिराग एनडीए से ही अलग हो गए है, हालांकि वो मोदी के नाम को चुनाव में कैश करना चाहते थे लेकिन बीजेपी ने स्‍पष्‍ट कर दिया कि ये संभव नहीं है । बीजेपी जेडीयू के साथ है और नीतीश ही उनके राज्‍य में नेता हैं ।