दुनिया को हंसाने वाले कादर की खुद की जिंदगी में थी बड़ी आफत

0
13




दोस्तों कादर खान का जन्म 22 अक्तूबर 1937 को अफगानिस्तान के काबुल शहर में हुआ था। बॉलीवुड फिल्मों में लोगों को छककर हंसाने वाले कादर खान की खुद की जिंदगी कितनी गमजदा थी। इसका अंदाजा भी कोई आम इंसान नहीं लगा सकता है। हिंदी फिल्मों के विलेन, कॉमेडिन, स्टोरी राइटर और डायलॉग राइटर के तौर पर कादर ने खुद को स्थापित किया था। कादर खान का बचपन खासकर बेहद बुरा था। कादर खान के माता-पिता अफगानिस्तानी थे। माता-पिता का तलाक और फिर मां की दूसरी शादी ने कादर का बचपन तबाह कर दिया था। यहां तक कि मजदूरी करने और कई दिनों तक भूखे रहने की जिल्लत भी उन्हें बर्दाश्त करनी पड़ी थी।

#स्लम एरिया में गुजरा बचपन

चार भाईयों में कादर खान सबसे बड़े थे। बाकी के तीन भाईयों की मौत जन्म के समय ही हो गई थी। बंटवारे के वक्त कादर खान का परिवार हिंदुस्तान आ गया था। मुंबई में स्लम एरिया में शराब दुकान के पास ही कादर खान का घर था। मुंबई में कादर खान के माता पिता का तलाक हुआ। कादर खान के ननिहाल वालों ने उनकी मां की जबरन दूसरी शादी करवा दी। फिर सौतेले पिता का जुल्म भी कादर खान को सहना पड़ा था।

कादर खान को पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए बचपन में मजदूरी भी करनी पड़ी थी। हालांकि कादर ने मां की इच्छा का आदर करते हुए पढ़ाई में जी लगाया और डिग्री हासिल की। कॉलेज के जमाने में ही कादर का एक्टिंग से लगाव शुरू हुआ था। मजे की बात ये कि अपनी एक्टिंग का अभ्यास वे कब्रिस्तान के सूनेपन में किया करते थे। यहां तक कि कई फिल्मों के डायलॉग्स भी कादर खान ने कब्र पर बैठकर ही लिखी थी।

#इत्तफाक से स्टेज पर काम करने का मौका मिला

एक दिन वो कब्रिस्तान में एक्टिंग कादर एक्टिंग का अभ्यास कर रहे थे। तभी किसी ने उन्हें देखा और स्टेज पर अभिनय का ऑफर दिया। कादर मान गए और पहले शो के लिए उन्हें दो सौ रुपए मिले थे। फिर तो कादर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कादर खान को अपनी मां से बेहद लगाव था। अंत समय में मां को खून की उल्टियां हो रही थी। बड़ी मुश्किल से कादर खान ने घर पर डॉक्टर को बुलाया। बावजूद इसके मां को बचा नहीं सके।

#कादर खान ने कनाडा में ली थी अंतिम सांस

बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार कादर खान ने अंत समय कनाडा में गुजारा था। कादर खान आखिरी समय में अपने बेटे सरफराज के साथ रहे। कादर खान ने 45 सालों तक बॉलीवुड में राज किया और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। फिर भी अंत समय में खुद को बेहद अकेला महसूस करते थे। कादर खान ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्में की।

#रोटी फिल्म के लिखे थे डायलॉग्स

कादर खान ने अपने जमाने की सुपरहिट फिल्म रोटी के संवाद लिखे थे। मनमोहन देसाई ने फीस के तौर पर उस जमाने में उन्हें एक लाख 20 हजार रुपए दिए थे। कादर खान का टीवी शो ‘हंसना मत’ काफी लोकप्रिय हुआ था। कादर खान को एक कॉमेडियन के तौर पर अधिक जाना जाता है। कादर खान को 9 बार बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुए।

#अंत समय में कादर को था मलाल

जिंदगी के आखिरी कुछ महीनों के दौरान कादर को अकेलापन चुभता था। वो अक्सर शिकायत किया करते थे कि उन्हें कोई फोन नहीं करता है। ना ही कोई उनकी मिजाजपुर्सी के लिए संपर्क ही करता है। अमिताभ बच्चन सरीखे सुपरस्टार के साथ काम कर चुके कादर को इंडस्ट्री ने बुरी तरह नकारा था। ये जरूर है कि कादर के चाहने वाले आज भी उन्हें दिलोजान से प्यार करते हैं।