Mirzapur 2 dialogue: Mirzapur 2 के वो 10 डायलॉग जिसको सुनकर होगा पैसा वसूल

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Mirzapur 2 dialogue: वेब सीरीज मिर्जापुर 2 ओटीटी (OTT) प्लैटफॉर्म अमेजन प्राइम (Amazon Prime) पर तय समय और तारीख से पहले ही रिलीज कर दी गई है. शुक्रवार को अमेजन प्राइम (Amazon Prime Mirzapur 2 download ) पर यह सीरीज 22 अक्टूबर को रात 8 बजे रिलीज की गई, जिसके बाद कई लोगों ने एक के बाद एक कई एपिसोड रातभर में देख डाले. सीजन 2 के कुछ डायलॉग्स हैं, जिनको लोग काफी पसंद कर रहे हैं.

– बातें ज्यादा हुई नहीं, बस आहट लेकर आ गए.

– शादीशुदा मर्द को अपनी स्त्री से भय न हो तो इसका मतलब है कि शादी में कुछ गड़बड़ है.

– औरत चाहे चंबल की हो या पूर्वांचल की, जब गन उठाई है तो इसका मतलब है कि दिक्कत में है.

– शर्मा से क्या शर्माना, दिस इज ए कॉमन डिजीज.

– कुछ लोग बाहुबली पैदा होते हैं और कुछ को बनाना पड़ता है, इनको बाहुबली बनाएंगे.

– दिखाते समय कॉन्फिडेंस हो तो पब्लिक पूछती नहीं कि फाइल में क्या है.

– जब कुर्बानी देने का टाइम आए तो सिपाही की दी जाती है. राजा और राजकुमार जिंदा रहते हैं , गद्दी पर बैठने के लिए.

– नेता जी बनना है तो गुंडे पालों, गुंडे मत बनो.

– गद्दी पर चाहे हम बैठें या मुन्ना नियम सेम होगा.

– हमारा उद्देश्य एक है… जान से मारेंगे…क्योंकि मारेंगे तभी जी पाएंगे.

मिहिर देसाई और गुरमीत सिंह द्वारा निर्देशित ‘मिर्जापुर 2’ में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्‍येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, राजेश तैलंग, श्रेया पिंगलावकर, रसिका दुग्गल, लिलीपुट, कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका में हैं. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी सीरीज के प्रोड्यूसर हैं.