नवरात्रि में कन्या पूजन से पहले इन बातो का विशेष ध्यान रखे, वरना नही मिलेगा पूरा फल

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नवरात्रि का समय चल रहा है और अभी छठा दिन चल रहा है. कई लोग है जो व्रत रखते है, कई लोग है जो पूजा आदि करते है और बहुत से लोग ऐसे भी है जो कुछ समय मंदिर भी जाते है और जब नवरात्रि के दिन पूरे होते है तो ये लोग अंत में कन्या पूजन करते है. ऐसा माना जाता है कि अगर कन्या पूजन किया जाता है तो घर में सुख शान्ति और समृद्धि आती है और माँ का आशीर्वाद बना रहता है.

मगर कुछ लोग होते है जो इसे फोर्मलटी की तरह लेते है जो कि ठीक चीज नही है. इसके लिए भी कुछ विशेष विधि और नियम आदि होते है जिनका पालन अगर न किये जाए तो फिर आपको उसका फल वैसे नही मिलता है जैसे कि मिलना चाहिए. चलिए फिर उनकी भी थोड़ी जानकारी कर ही लेते है.

  1. नवरात्रि में आप जिन बच्चियों को कन्या पूजन के लिए बुला रहे है उनकी उम्र 2 वर्ष से 7 वर्ष के बीच की ही होनी चाहिए, उससे अधिक की बच्ची को उस स्थिति में ही बुलाये जब इस उम्र की बच्ची न हो.
  2. कन्या पूजन में नौ बच्चियों के आठ में एक बच्चे को भी बुलाने का नियम है. साथमें दसवे नम्बर पर एक बच्चे को भी भोजन करवाए.
  3. कन्याओं का पूजन करने से पहले उनके पाँव दूध या फिर जल से धोने होते है उसके बाद में ही उनको पूजा वाले स्थान पर बिठाना होता है.
  4. कन्याओं के भोज में आप चाहे कितने ही मिष्ठान बनाये लेकिन साथ में खीर पुड़ी बनाना सबसे अधिक जरूरी माना गया है.
  5. जब आप कन्याओं को भोजन करवा ले तो बाद में उन्हें जाते हुए लाल चुनरी, रूमाल और खिलौने आदि देकर के ही विदा करे, खाली हाथ कन्याओं को विदा कर देना शुभ नही माना जाता है इसलिए उन्हें कुछ देकर के ही विदा करे.