पति पर कई लड़कियों से दुष्कर्म का आरोप, नीतीश की मंत्री पत्नी भी गई थी जेल, जदयू ने फिर दिया टिकट

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चंद्रशेखर वर्मा पर संगीन आरोप लगते ही वो फरार हो गई, कई दिनों तक सुशासन सरकार की पुलिस उन्हें ढूंढती रही, आखिरकार 19 नवंबर 2018 को चंद्रशेखर ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर किया।

New Delhi, Oct 13 : बिहार चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल कमर कस चुके हैं, जदयू ने अपने 117 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, यूं तो किसी भी पार्टी ने हर चुनाव की तरह इस चुनाव में भी दागियों या अपने क्षेत्र के बाहुबलियों से कोई परहेज नहीं किया है, आज बात करेंगे, जेल जा चुकी बेगूसराय जिले से जदयू उम्मीदवार मंजू वर्मा की, जिनके पति के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगे हैं।

जमानत पर है बाहर
मंजू वमा जेल जा चुकी है, फिलहाल वो जमानत पर बाहर है, लेकिन मंजू से कहीं ज्यादा भयानक उनके पति का आपराधिक इतिहास रहा है, बिहार की चर्चित मुजफ्फरपुर आश्रय गृह रेप कांड तो शायद आपको याद ही होगा, इस शेल्टर होम में रहने वाली कई लड़कियों के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था, मामले में मुख्य आरोपी था ब्रजेश ठाकुर, जब जांच शुरु हुई, तो जांच की आंच पहुंची मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा तक, तब मंजू वर्मा नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री थी।

संगीन आरोप लगे
चंद्रशेखर वर्मा पर संगीन आरोप लगते ही वो फरार हो गई, कई दिनों तक सुशासन सरकार की पुलिस उन्हें ढूंढती रही, आखिरकार 19 नवंबर 2018 को चंद्रशेखर ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर किया, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा राज्य के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। चिकित्सीय जांच में बालिका गृह की 42 में से 34 लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई थी, टिस की ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया, कि आश्रय गृह की कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, मंत्री के पति का नाम मामले में आने पर हंगामा मच गया, कई दिनों तक मंजू वर्मा मंत्री पद पर बनी रही, लेकिन सरकार की किरकिरी होने पर 8 अगस्त 2018 को नीतीश कुमार ने उनसे इस्तीफा लिया।

अवैध हथियार
मंजू वर्मा के घर पर बड़े सीबीआई छापे में अवैध हथियार और करीब 50 कारतूस मिले थे, मंजू को बाद में जदयू ने पार्टी से भी निकाल दिया था, तब जांच से बचने के लिये मंजू वर्मा खुद भी फरार हो गई थी, 12 नवंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने मंजू के घर से हथियार बरामद होने से संबंधित मामले में उन्हें गिरफ्तार ना किये जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश के डीजीपी को तलब किया था। कोर्ट की फटकार के बाद बिहार पुलिस ने मंजू वर्मा के बेगूसराय स्थित घर के बाहर संपत्ति जब्त करने का नोटिस लगाया था, जिसके बाद मंजू ने 20 नवंबर 2018 को वहां की एक स्थानीय कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।