एक भी चुनाव नहीं हारे हैं अमित शाह, मामूली कार्यकर्ता से गृह मंत्री तक का सफर ऐसे तय किया

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New Delhi, Oct 22: केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह आज 56 साल के हो गए हैं। पीएम मोदी ने उन्‍हें इस मौके पर बधाई दी है । अमित शाह और पीएम मोदी राजनीतिक जीवन में बेहद करीबी माने जाते हैं । दोनों ने राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव साथ में देखे हैं । आज उनके जन्‍मदिन के मौके आपको अमित शाह से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं । भाजपा के एक मामूली कार्यकर्ता से शुरू होकर कैसे वो गृह मंत्री तक की कुर्सी तक पहुंचे । आगे पढ़ें …

23 साल की उम्र में शादी
बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि अमित शाह का पूरा नाम अमित अनिलचंद्र शाह है । वो एक बिजनेसमैन फैमिली से आते हैं, राजनीति में आने से पहले वे प्लास्टिक पाइप का पारिवारिक बिजनेस संभालते थे । उनकी शादी 1987 में महज 23 साल की उम्र में हो गई थी । शाह की पत्नी का नाम सोनल है। उनका एक बेटा भी है जिसका नाम जय शाह है । आप ये जानकर ताज्‍जुब करेंगे कि अपने राजनीतिक करियर में अमित शाह एक भी चुनाव नहीं हारे हैं ।

1982 में मोदी से पहली बार मिले
बीजेपी का देश में आज जो भी दम खम नजर आता है, उसके पीछे अमित शाह बहुत बड़ा कारण हैं । बीजेपी के थिंक टैंक कहलाए जाने वाले शाह नरेंद्र मोदी के करीबी हैं, दोनों की पहली मुलाकात 1982 में हुई थी । उन दिनों वे अहमदाबाद में कॉलेज में पढ़ते थे। मोदी उस समय संघ प्रचारक थे। 1986 में अमित शाह वे भाजपा में शामिल हो गए। 1990 के दशक में नरेंद्र मोदी ने आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई थी।

यादगार तस्‍वीर
यह तस्वीर जो आप देख रहे हैं वो गांधीनगर की है, साल 1991 में जब लाल कृष्ण आडवाणी ने गांधीनगर सीट से पर्चा भरा था तब पीएम मोदी और अमित शाह भी वहां मौजूद थे। शाह ने इस चुनाव में गांधीनगर से प्रचार का जिम्मा संभाला। वहीं जब 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात से चुनाव लड़ा तो भी अमित शाह को ही चुनाव प्रचाक की जिम्मेदारी मिली। शाह ने 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी । 2009 में वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने।

एक भी चुनाव नहीं हारे हैं 
साल 2014 में नरेंद्र मोदी जब केन्‍द्रीय राजनीति की ओर बढ़े तो वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। 2003 से लेकर 2010 तक वो गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृह मंत्रालय की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे । 2012 में नारनुपरा से विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले वो 3 बार सरखेज विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए । शाह ने अपने राजनीतिक करियर में एक भी चुनाव नहीं हारे। सोलहवीं लोकसभा चुनाव के लगभग 10 महीने पहले ही शाह को 12 जून 2013 को भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया । उस समय प्रदेश में भाजपा की केवल 10 लोकसभा सीटें ही थी। जब 16 मई 2014 को चुनाव परिणाम आए, तो भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 71 सीटें हासिल की। इसके बाद अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया । 2019 में वो गांधीनगर सीट से चुनकर संसद पहुंचे। वर्तमान में अमित शाह देश के गृह मंत्री का पद भार संभाल रहे हैं ।