सिर्फ 800 रुपये महीने में टीचर की नौकरी करती थी नीता अंबानी, कहा जिंदगी सिर्फ पैसे कमाने को नहीं!

0
7

नीता ने कहा कि एक दिन स्कूल के एक स्टूडेंट के पिता ने उन्हें 1987 में होने वाले रिलायंस क्रिकेट विश्वकप की दो टिकट ऑफर की थी।

New Delhi, Oct 22 : एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी अकसर अपने सामाजिक कामों की वजह से चर्चा में रहती हैं, देश के सबसे अमीर लोगों में से एक होने पर उन्हें कैसा लगता है, वह अमीर होने के क्या मायने समझती है, इस सवाल के जवाब में नीता अंबानी का कहना है कि जिंदगी सिर्फ दौलत कमाने के लिये ही नहीं है, ये भी जरुरी है कि हम क्या यादें छोड़कर जाते हैं, शादी के बाद कई सालों तक सिर्फ 800 रुपये की सैलरी में एक स्कूल में टीचर के तौर पर काम करने को लेकर नीता अंबानी ने कहा कि ये मेरा पैशन रहा है, और मैंने इसे एन्जॉय किया है, नीता अंबानी ने कहा कि मुकेश अंबानी ने भी मुझे इसके लिये प्रेरित किया।

करण थापर को इंटरव्यू
चर्चित वरिष्ठ पत्रकार करण थापर को दिये एक इंटरव्यू में नीता अंबानी ने टीचिंग के दिनों का एक दिलचस्प वाकया भी शेयर किया था, नीता ने कहा कि एक दिन स्कूल के एक स्टूडेंट के पिता ने उन्हें 1987 में होने वाले रिलायंस क्रिकेट विश्वकप की दो टिकट ऑफर की थी, जिसे उन्होने खारिज कर दिया था, दरअसल उन्हें ये जानकारी नहीं थी कि वह अंबानी परिवार की बहू हैं।

मैंने परिचय दिया
नीता अंबानी ने कहा कि फिर मैच के दौरान जब वह शख्स मैच देखने पहुंचे, तो मुझे प्रेसिडेंशियल बॉक्स में देखा, और हैरान रह गये, तभी एक व्यक्ति ने मेरा परिचय दिया कि मैं नीता अंबानी हूं, मुकेश अंबानी मेरे पति हैं, नीता और मुकेश अंबानी कारोबारी जगत में अपने फैसलों के साथ ही लाइफस्टाइल और शानदार बांडिंग के लिये भी चर्चित हैं।

पति इंतजार करते थे
एक दूसरे इंटरव्यू में नीता अंबानी ने पति के साथ अपनी बांडिंग को लेकर कहा था कि जब वह जामनगर में हाउसिंग सोसायटी का काम देख रही थी, तो अकसर देर से लौटती थी, इस दौरान मुकेश अंबानी बच्चों की केयर करते थे, उन्हें होमवर्क कराते थे, यहीं नहीं इंतजार करते थे कि मेरे आने के बाद ही डिनर करेंगे, नीता अंबानी के अनुसार मुकेश अंबानी चाहे जितनी देर से घर आएं, वह आज भी उनका इंतजार करती हैं और पूरी कोशिश करती हैं कि साथ ही डिनर करेंगे।