30 की उम्र में हर इंसान को कराने चाहिए ये 13 जांच

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आज की लाइफ स्टाइल में हर इंसान स्वस्थ्य रहना चाहता हैं, लेकिन इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ इंसानों में होना शुरू हो जाती हैं। हार्ट डिजीज, हाई ब्लड़ प्रेषर, डायबिटीज जैसी बीमारियां 30 की उम्र में ना चाहते हुए भी इंसानों में हो जाती है।

ऐसे में स्वस्थ्य रहने के लिए डाॅक्टर्स ये 13 मेडिकल जांच कराने की सलाह  देते है। ताकि किसी हैल्थ प्राॅब्लम के शुरूआत में ही पता लगाया जा सके और समय रहते इसका इलाज शुरू किया जा सके। आइए हम आप को बताते है कि आप के स्वास्थ्य से जुड़ी ये 13 जांच कौन सी है।

शुगर-30 की उम्र में शुगर जांच जरूरी है। साल में एक बार फास्टिंग और रेंडम ब्लड शुगर लेवल चेक करवाए। बढ़ी हुई शुगर डायबटिज का कारण हो सकती है।

ब्लड़ प्रेषर- इस उम्र में माह में एक बार अपना ब्लड़ प्रेषर जांच शुरू कराना चाहिए। हाई बीपी से हार्ट डिजिज, किडनी प्राॅब्लम और ब्रेन स्टोक होने की संभावना बढ़ जाती है।

ब्लड़ पिक्चर- काम करते समय थकावट, कमजारी महसूस करने पर ब्लड़ पिक्चर की जांच करानी चाहिए। यह जांच साल में एक बार होती है। इससे ब्लड़ में हीमोग्लोबिन लेवल सही है या नहीं की जानकारी मिलती है।

ईसीजी- अक्सर थकान महसूस करना, सांस फुलने जैसी षिकायत पर  समय रहते साल में एक बार ईसीजी अवष्य करानी चाहिए। इससे हार्ट डिजिज से बचा जा सकता है।

थाइराॅयड़- बिना वजह थकान महसूस करना, शरीर टुटना, भूख ना लगना या अधिक लगना जैसी षिकायत हो तो थाइराॅयड की जांच अवष्य करानी चाहिए।

अल्ट्रा सोनोग्राफी- पेट में स्टोन, अल्सर या फैटी लिवर जैसी बीमारियों से बचने के लिए साल में एक बार अल्ट्रा सोनोग्राफी करानी चाहिए।

विटामिन-कमजोरी हड्डियों के लिए विटामिन की कमी मुख्य कारण होती है। इसके लिए विटामिन डी की जांच साल में एक बार अवष्य कराएं।

कैल्षियम-कैल्षियम की कमी के कारण आॅस्टियोपोरोसिस हो सकता है।30 की उम्र के बाद बाॅडी की कैल्षियम आॅब्जर्ब करने की क्षमता कम हो जाती है। इस लिए साल में एक बार जांच अवष्य कराएं।

पीएसए जांच-50 की उम्र के बाद कई पुरुषों प्रोस्टेट रिलेटेड समस्या होना शुरू हो जाती है। इस का पता लगाने के लिए प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट कराना जा सकता है।

रीनल प्रोफाइल- इस टेस्ट से पता चलता है कि आप की किडनी काम कर रही है या नहीं। साल में एक बार यह टेस्ट अवष्य कराना चाहिए।

लिपिड प्रोफाइल-इस टेस्ट से काॅलेस्ट्रोल और ट्राईगिस्लराइड का पता चलता है। लिपिड प्रोफाइल ज्यादा होने पर हार्ट डिजिज का खतरा हो सकता है।

लिवर प्रोफाइल-लिवर सही काम कर रहा है या नहीं और इससे जुड़ी समस्या के लिए लिवर प्रोफाइल जांच करानी चाहिए।

कोलेस्ट्राॅल-षरीर का हाई कोलेस्ट्राॅल हार्ट डिजिज को बढ़ाता हैं। साल में एक बार इसकी जांच जरूर करानी चाहिए।