नहाने के पाने में बस मिला दें इस जड़ी बूटी को, शरीर स्वस्थ होने के साथ नवग्रह भी जाएंगे शांत

0
5

ग्रहों को शांत रखने के लिए औषधि स्नान किया जाता है। औषधि स्नान करने से ग्रह आपके अनुकूल बने रहते हैं और जीवन में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करते हैं। कुंडली में कोई भी ग्रह भारी होने पर आप बस औषधि स्नान कर लें। ऐसा करने से ग्रह के बुरे प्रभाव से आपकी रक्षा होगी। औषधि स्नान के बारे में जिक्र करते हुए शास्त्र में लिखा गया है कि जन्म पत्रिका में अशुभ ग्रह होते हैं और इनके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए ये स्नान किया जाता है। अगर ग्रहों से संबंधित जड़ी-बूटी को नहाने के जल में मिलाया जाए और रोज उससे स्नान किया जाए तो अशुभ व क्रूर ग्रहों का प्रभाव कमी हो जाता है। हर ग्रह से खास जड़ी-बूटियां जुड़ी होती है। इसलिए आपकी कुंडली में जो ग्रह भारी हो उससे जुड़ी जड़ी-बूटी नहाने के पानी में मिला दें।

औषधि स्नान व ग्रहों से जुड़ी जड़ी-बूटी की जानकारी –

सूर्य ग्रह

सूर्य ग्रह के कुंडली में भारी होने पर सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में ये ग्रह भारी हो वो लोग सूर्य देव की रोज पूजा किया करें और औषधि स्नान करें। औषधि स्नान करने के लिए नहाने के पानी में इलायची, केसर, रक्त चन्दन, मुलेठी और लाल पुष्प मिलाएं। इन चीजों को पानी में मिलाकर नहाने से ये ग्रह शांत हो जाएगा।

चन्द्र ग्रह

चंद्र ग्रह का नाता त्वचा और दिमाग से जुड़ा होता है। ये ग्रह भारी होने पर त्वचा से जुड़े रोग लग जाते हैं या फिर दिमाग अशांत रहता है। चंद्र ग्रह को शांत करने हेतु आप सफेद रंग की चीजों का दान किया करें और पंचगव्य, खिरनी की जड़, श्वेत चन्दन और श्वेत पुष्प स्नान करने वाले पानी में मिलाए।

मंगल ग्रह

मंगल ग्रह अगर कुंडली में भारी हो तो जातक का विवाह होने में देरी होती है और कोई भी कार्य सफल नहीं हो पाता है। मंग्रल ग्रह को अपने अनुकूल करने के लिए लाल चन्दन, जटामांसी, हींग और लाल पुष्प को जल में मिलाएं और इस जल से मंगलवार के दिन स्नान कर लें। स्नान करने के बाद लाल रंग की चीजों का दान करें।

बुध ग्रह

बुध ग्रह अगर आपके अनुकूल नहीं है तो आप बुधवार के दिन अक्षत, गोरोचन, विधारा की जड़, शहद और जायफल जल में मिला दें और इस पानी से स्नान करें। साथ में ही बुध ग्रह की कथा भी पढ़ें और हरे रंग की चीजों का दान किया करें।

गुरु ग्रह

कुंडली में ये ग्रह भारी होने पर जातक का विवाह नहीं हो पाता है। इस ग्रह को शांत करना बेहद ही सरल है और ऐसा करने के लिए आप बस गुरुवार के दिन हल्दी, शहद, गिलोय, मुलेठी और चमेली के पुष्प नहाने के पानी में मिला दें। नहाने के बाद अपने माथे पर हल्दी का तिलक भी लगाए। हो सके तो पीले कपड़े भी धारण करें और पीले रंग की चीजों का ही सेवन करें।

शुक्र ग्रह

शुक्र ग्रह को अपने अनुकूल बनाए रखने के लिए नहाने के पानी में जायफल, केसर, इलायची, चमेली या सफ़ेद पुष्प मिला दें और इस जल से स्नान करें। हर शुक्रवार इसी तरह से नहाया करें।

शनि ग्रह

शनि ग्रह के प्रकोप से बचने के लिए नहाने के पानी में सौंफ़, खस, सुरमा और काले तिल मिला दें। इस पानी से हर शनिवार स्नान करें। स्नान करने के बाद शनि देव के मंदिर जाए और इनकी पूजा करें। पूजा करते समय इनको काले तिल भी अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक भी जरूर जलाएं।

राहु ग्रह

राहु ग्रह के कारण कोई भी कार्य आसानी से सफल नहीं हो पाता है। इस ग्रह को क्रूर ग्रह माना गया है। कुंडली में राहु को शांत रखने के लिए कस्तूरी व लोबान मिश्रित जल से ही स्नान किया करें।

केतु ग्रह

राहु की तरह ही केतु ग्रह भी क्रूर ग्रह माना जाता है और इस ग्रह को अपने अनुकूल करने हेतु रक्त चन्द व कुशा मिश्रित जल से स्नान करें।