घर में कमाई है पर पैसा टिकता नही और जेब रहती है खाली, तो अपनाए ये उपाय

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अक्सर हम लोग ये देखते है कि जीवन में हमारे पास में नौकरी है, व्यावसाय है और पैसा भी है लेकिन जब हम देखते है कि इतना सब कमाने के पास में हमारे पास में अंत में बचा कितना? तो इस पर सब लोग एक तरह से हाथ ही खड़े कर देते है और कहते है कि ये सब कुछ अपने आप में बड़ा ही उलझन भरा काम है क्योंकि खर्च तो ही जाता है. मगर ऐसे में काम आती है चाणक्य नीति जिसमे साफ़ तौर अपर बताया गया है कि धन का संचय भी उतना ही आवश्यक है जितना कि धनार्जन करना आवश्यक है.

सबसे पहला उपाय है धन खर्च में लापरवाही न करे. अक्सर आप देखते होंगे कि लोगो के पास जितना पैसा है उस हिसाब वो उतनी महँगी चीजे लेते है ताकि लोगो को दिखा सके. ये चीज ही अंत में ले डूबती है क्योंकि लोगो को तो आप एक दिन खुश करेंगे लेकिन वो पैसा आपके हाथ से हमेशा के लिए चला गया. इस कारण से खर्च आवश्यकतानुसार ही करे.

दूसरा और सबसे अहम. किसी भी पर्व, त्यौहार या रिवाज में ऐसा खर्च न करे जो बोझ बने. हमारे आस पास में कई ऐसी परमपराएं देखने में आती है जिसके कारण लोगो को अपनी जमीन बेचनी पडती है, एफडी  तुडवानी पडती है या फिर ब्याज पर पैसा उठाना पड़ता है. ऐसा करना सबसे बड़ा पाप है क्योंकि ये ईश्वरीय सत्ता को नाराज करता है.

अगर कोई किसी के ह्रदय को दुखी करके किसी रिवाज का पालन करता है तो नारायण उसे कभी क्षमा नही करते है. इस कारण से रिवाज हमेशा हैसियत अनुसार ही निभाये, खर्च हमेशा आवश्यकतानुसार ही करे तो आपका जीवन सुखमय रहेगा और आपको हमेशा कुछ न कुछ ऐसे फायदे देखने को मिलते रहेंगे जो कि मिलने भी चाहिए और लोगो को इनकी दरकार होती है.