NEET में शोएब और आकांक्षा दोनों को मिले 720/720 अंक, फिर टॉपर शोएब क्यों?

0
1

देश भर की सबसे ज्यादा मुश्किल परिक्षाओं में गिनी जाने वाली NEET की परीक्षा का रिजल्ट आ चुका है। NEET की परीक्षा में ओडिशा के शोएब आफताब ने टॉप किया है। शोएब का रिजल्ट 720 में से 720 यानी 100 फ़ीसदी अंक हासिल किए है। हालांकि दिल्ली की आकांक्षा का रिजल्ट भी शोएब के ही तरह 100 फ़ीसदी है। यानी आकांक्षा ने भी नीट की परीक्षा में 720 में से 720 नंबर हासिल किए हैं, लेकिन फिर भी आकांक्षा को इंडिया में टॉपर्स की लिस्च में दूसरा स्थान दिया गया है। इसके पीछे क्या कारण है और यह फैसला किस नियम के तहत जारी किया गया है आइए हम आप को समझाते हैं।

education-story-neet-result-2020-soyeb-aftab-akansha-singh-720-marks-topper-tie-controversy
Social Media

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

नीट की परीक्षा में शोएब और आकांक्षा दोनों के नंबर 100 फ़ीसदी है। दोनों ने 720 में से 720 नंबर हासिल किए हैं। इसके बावजूद शोएब को टॉपर की रैंक दिए जाने पर सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है। सभी यह जानना चाहते हैं कि आखिर किस पॉलिसी के तहत शोएब को टॉपर की लिस्ट में प्रथम रैंक दिया गया है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जंग छिड़ी है। अब लोग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की टीम पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में यह पॉलिसी क्या है आइए हम आपको बताते हैं।

सोशल मीडिया पर टॉपर्स की लिस्ट में प्रथम रैंक को लेकर इस जंग पर नेट परीक्षा को संचालित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने बताया कि यह फैसला टाई ब्रेकिंग पॉलिसी के तहत यानी कि जब 2 विद्यार्थियों के एक जैसे अंक आते हैं, तो पहला टॉपर किसे घोषित किया जाए इस पॉलिसी के आधार पर लिया है। इस पॉलिसी के नियमों के तहत ही शोएब को नंबर वन घोषित किया गया है। इसी पॉलिसी के तहत आकांक्षा को टॉपर की लिस्ट में दूसरा स्थान मिला है।

education-story-neet-result-2020-soyeb-aftab-akansha-singh-720-marks-topper-tie-controversy
Social Media

उम्र के तहत मिली फस्ट रैंक

इस मामले पर एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा के शोएब आफताब और दिल्ली की आकांक्षा सिंह दोनों ने एक बराबर 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं, लेकिन आफताब की उम्र ज्यादा है इसलिए उन्हें नेशनल रैंकिंग में टॉप पर रखा गया है। एनडीए टाई ब्रेकिंग की स्थिति में टॉपर का निर्धारण करने के लिए उम्र विषय वार मिले नंबर और गलत उत्तरों की संख्या को ध्यान में रखता है। इसी नियम के तहत यह फैसला किया जाता है।

education-story-neet-result-2020-soyeb-aftab-akansha-singh-720-marks-topper-tie-controversy
Social Media

क्या है टाई ब्रेकिंग पॉलिसी

एनटीए की टाई ब्रेकिंग क्या है यह हम आपको विस्तार से समझाते हैं। दरअसल इस पॉलिसी के तहत परीक्षार्थी की रैंकिंग का निर्धारण सबसे पहले जीव विज्ञान और रसायन शास्त्र में मिलने वाले नंबरों के आधार पर किया जाता है, लेकिन इस स्थिति में भी रैंकिंग का निर्धारण अगर ना हो पाए, तो गलत सवाल के जवाब को ध्यान में रखकर रैंकिंग तैयार की जाती है।

education-story-neet-result-2020-soyeb-aftab-akansha-singh-720-marks-topper-tie-controversy
Social Media

इसके बाद भी टॉपर के नाम में क्लीयरिटी ना होने पर उम्र के आधार पर रैंकिंग का निर्धारण किया जाता है। ऐसे में जिसकी उम्र ज्यादा होती है उसे प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि शोएब ने नीट की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है।

गौरतलब है कि देशभर में नीट की परीक्षा में 4 बच्चों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं। लेकिन पॉलिसी के आधार तेलंगाना की तुम्माला, राजस्थान के विनीत शर्मा, हरियाणा के अमरीशा खेतान और कुटी चैतन्य सिंधु को तीसरी, चौथी और पांचवी रैंक दी गई है।