नवरात्र में दिया जलाने के बाद ले ले ये 3 नाम, सारी समस्या होंगी दूर और दुश्मन भी आपके घुटनों में गिर जाएगा

0
2

सनातन धर्म में दीप का बहुत ही अधिक महत्व माना जाता है। कोई भी पूजा या अनुष्ठान दीप के बिना अधूरा ही माना जाता है। दीप जलाने को बहुत ही शुभ माना जाता है, यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। और अंधकार के साथ ही नकारात्मक ऊर्जा का भी अंत करता है। ऐसा माना जाता है कि दीप जला कर पूजा करने से ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं, और जीवन सदा ही प्रकाशवान रहता है।

सभी मांगलिक कार्यों में भी दीप प्रज्वलित करने का विधान है। सुबह और शाम की संध्या पूजा में भी दीप भी बहुत महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि दीपक के ज्योति सीधा इष्ट तक आपकी प्रार्थनाओं को पहुचती हैं, जिससे कि आपकी मनोकामना पूरी होती है।

अलग अलग देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए,अलग अलग तरह की कामनाओं को पूर्ण करने के लिए भिन्न भिन्न दीपक जलाने का विधान है। लेकिन दीपक प्रज्वलित करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। आज हम आपको उन्हीं बातों के विषय मे जानी देने जा रहे हैं।

सिर को ढक कर रखें

किसी भी प्रकार की पूजा को करते समय सिर जरूर ढक लेना चाहिए। चाहे आप पुरुष हों या महिला इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे ही दीपक जलाते वक्त भी सिर को याद से ढके, ज्यादातर लोग बिना सिर ढके दीप जलाने की गलती करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि दीप जलाते समय अपने सिर को किसी वस्त्र से ढक लें।

दीपक को खाली स्थान पर न रखें

इस बात का ध्यान रखें कि दिया जलाते समय उसे किसी खाली स्थान पर न रखें। दिया के नीचे सबूत चावल, फूल की पंखुड़ियाँ या फिर साथ प्रकार अनाज के कुछ दाने रख लें। यह भी न उपलब्ध होने पर दोने को दिए के नीचे रख लें। पर खाली स्थान पर दीया न रखें।

माँ अम्बे की उपासना के लिए ऐसे जलाएं दीप

अगर आप माँ अम्बे को प्रसन्न करना चाहते हैं। या फिर आपकी कोई मनोकामना पूर्ति के लिए दीपक जलाते हैं तो दीये में तिल के तेल का उपयोग करना चाहिए, और रुई की बत्ती की जगह मोली का उपयोग करना चाहिए। इससे माँ अम्बे जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

इष्ट की पूजा में लिए ऐसे जलाए दीपक

अपने इष्ट को प्रसन्न करने के लिए अपने इष्ट की पूजा करते समय गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे इष्ट जल्दी प्रसन्न होते हैं। और सदा ही उनकी कृपा मिलती रहती है।

शत्रु से मुक्ति से लिये

अगर आप शत्रुओं पर विजय चाहते हैं तो हनुमान जी के आगे चमेली के तेल का दीपक जलाना चाहिए और इसमें दो लौंग भी डालनी चाहिए। ऐसा करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। अगर आप किसी तरह की परेशानी से परेशान हैं तो आपको इसके साथ ही यहां दिए जा रहे मंत्र का उच्चारण दीपल जलाते समय करना चाहिए।

शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीप ज्योति नमोस्तुते।।

इन बातों का ध्यान रखें से आपकी सभी परेशानी दूर हो जाएंगी। इस उपाय को करने से शत्रु भी पराजित होते रहेंगे।