18 साल की आयु में नहीं किया जा सकेगा बेटी का विवाह, शादी की न्यूनतम आयु बदलने की तैयारी में सरकार

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भारत सरकार जल्द ही देश की लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र को बदलने वाली है। अभी लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष की है, जिसे सरकार ओर बढ़ा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अवसरों पर इस मुद्दे को उठाया है। हाल ही में शुक्रवार को फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (एफएओ) के कार्यक्रम में भी मोदी ने देश की लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र का जिक्र किया था और ये संकेत दिए थे कि आने वाले समय में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र बढ़ सकती है।

टास्क फोर्स का किया है गठन

लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र में बदलाव करने के लिए सरकार ने 4 जून को जया जेटली की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन भी किया था। वहीं पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपने संबोधन में इस टास्क फोर्स का जिक्र कर कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट आते ही सरकार इस विषय में निर्णय लेगी। सूत्रों के अनुसार टास्क फोर्स ने इस विषय पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर कर ली है और जल्द ही इस रिपोर्ट को सरकार को सौंप दिया जाएगा। जिसके बाद सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेगी।

किया हर पहलुओं को शामिल

टास्क फोर्स की ओर से बनाई गई रिपोर्ट को तैयार करते समय कई सारे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार टास्क फोर्स की ओर से जो रिपोर्ट बनाई गई है। उसमें वर्गों और धर्मों पर समान रूप से ये कानून लागू करने की बात कही गई है। इसके अलावा यौन हिंसा कानून के उस हिस्से को बदलने की पेशकश भी की गई है। जिसके तहत यदि पति 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की से संबंध बनाए तो वो बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता।

क्यों कि जा रहा है ये बदलाव

सरकार की ओर से लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने के फैसले से देश में मातृत्व मृत्यु दर कम होगी और लड़कियों के पोषण की स्थिति में सुधार भी आएगा। इस सुधार से किसी वर्ग को बाहर नहीं रखा जा सकेगा। दरअसल इस समय जो कानून देश में है उसके तहत लड़कियों के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल है, लेकिन मुस्लिम समुदाय इस दायरे से बाहर है।

रखा जाएगा अपराध की श्रेणी में

नए कानून के जरिए लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु हर वर्ग और हर धर्म के लिए बदल जाएगी। विवाह की न्यूनतम आयु का उल्लंघन अपराध की श्रेणी में भी आ जाएगा। अभी जो कानून है उसके तहत देश में न्यूनतम से कम उम्र में विवाह करना अमान्य है। लेकिन ये गैर कानूनी या अपराध की श्रेणी में नहीं आता है है।

21 साल रखी जा सकती है आयु

कहा जा रहा है कि टास्क फोर्स की ओर से लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल की जाएगी। आपको बता दें कि यूनीसेफ का अनुमान है भारत में हर वर्ष 15 लाख लड़कियों का बाल विवाह होता है। वहीं अब नए काननू की मदद से बाल विवाह रोकने में भी मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से पूछा था सवाल

लड़कियों और लड़कों की आयु मेें अंतर होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल किया था और कहा था कि देश में लड़के और लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र में फर्क क्यों है। गौरतलब है कि कानून के हिसाब से देश में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष की है। जबकि लड़कों के लिए ये 21 वर्ष है।