ऐसा आश्रम जहां पत्नी द्वारा सताए पतियों को मिलती है पनाह, लेकिन शर्त है बस इतनी सी ..

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आप सभी ने बच्चों के अनाथाश्रम और बूढ़ों के वृद्धाश्रम देखें होंगे। यहां अनाथ बच्चे और बेसहारा बूढ़े लोग पनाह लेते हैं। लेकिन क्या आप ने कभी बीवियों द्वारा सताए गए पतियों के लिए बना कोई आश्रम देखा है? आप में से कई लोगों को ये बात मजाक लग रही होगी, लेकिन ऐसा एक आश्रम सच में मौजूद है।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में ‘पत्नी पीड़ित परुष आश्रम’ है। इस आश्रम से महज 12 किलोमीटर दूर ही मुंबई-शिरडी हाइवे आ जाता है। इस खास आश्रम में सिर्फ उन्हीं लोगों को आश्रय दिया जाता है जो अपनी पत्नी के सताए हुए हैं। हालांकि हर कोई इस आश्रम में नहीं रह सकता है। इसमें एंट्री करने के लिए आपको कुछ निश्चित मापडंडों पर खरा उतरना पड़ेगा।

ऐसा आश्रम बनाने का आइडिया भारत फुलारे नाम के एक व्यक्ति को आया था। वे खुद अपनी बीवी के सताए हुए हैं। उनकी बीवी ने उनके ऊपर चार केस ठीक दिए थे। इससे उनका जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। न कोई रिश्तेदार उनसे बात करता था और न ही वे अपने घर इज्जत से रह पाते थे। लोग उनसे मिलने में भी कतराते थे।

वे कई महीनों तक घर नहीं जाते थे, मन में सुसाइड के ख्याल पनपते थे। हालांकि फिर उनकी मुलाकात दो – तीन और ऐसे लोगों से हुई जो खुद भी अपनी पत्नी के सताए हुए थे। इन सभी ने एक दूसरे को अपना दुख बताया। सब ने फैसला लिया कि वे एक दूसरे की मदद करेंगे।

उन सभी ने कानूनी सलाह ली और जल्द ही वे बीवियों के अत्याचार से बाहर निकल गए। इसके बाद उन्होंने बाकी लोगों की भी सहायता करने की सोची। इसी विचार के साथ 19 नवंबर 2016 को पुरुष अधिकार दिवस पर ‘पत्नी पीड़ित परुष आश्रम’ की स्थापना की गई।

इस आश्रम के अंदर सिर्फ उन्हें ही जगह मिलती है जो अपनी बीवी के सताए हुए हैं। हालांकि आश्रम का हिस्सा बनने के लिए कुछ नियम है। जैसे आप तभी इस आश्रम में रह सकते हैं जब आपकी पत्नी ने आपके ऊपर कम से कम 40 केस दर्ज कर रखे हैं।

इसके अलावा केस के चलते जेल जाने या गुजारा भत्ता ना दे पाने की स्थिति में जेल की हवा खाने वाले लोग भी इस आश्रम का हिस्सा बन सकते हैं। यदि आपकी बीवी के केस की वजह से नौकरी गई है तो भी आप इस आश्रम में रह सकते हैं।

यहां रहने वाले लोग अपनी काबिलियत के आधार पर जॉब करते हैं और पैसा फंड के रूप में जमा करते हैं। इसी से इस आश्रम का खर्चा चलता है।