ना नौकरी और न बिजनेस, फिर भी 9वी फ़ैल तेजस्वी यादव की 1 साल में बड़ी 3 करोड़ की संपत्ति

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लालू यादव और राबड़ी देवी के सुपुत्र और विधानसभा चुनाव में गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव में राघोपुर से नमांकन किया है। चुनाव आयोग को दिए हुए शपथ पत्र और हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति का विवरण दिया है। तेजस्वी के पास करीब 6 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसे लेकर डेप्युटी सीएम और भाजपा नेता सुशील मोदी ने उनके ऊपर निशाना साधा है। उन्होंने तेजस्वी के चुनावी हलफनामे पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि बिना नौकरी के तेजस्वी ने इतनी संपत्ति कैसे बनाई है। सुशील मोदी का कहना है कि वह तेजस्वी के संपत्ति के मामले को चुनाव आयोग के सामने रखेंगे। उनका मानना है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को तेजस्वी और उनके भाई तेज प्रताप यादव की संपत्तियों की जांच करनी चाहिए। बता दे कि तेज प्रताप के मुकाबले तेजस्वी के पास ज्यादा संपत्ति है।

5 साल में बड़ी है 3 करोड़ की संपत्ति

2015 में तेजस्वी यादव द्वारा दायर किए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति 2.13 करोड़ रुपए की थी। 2020 में यह बढ़कर 5.88 करोड़ रुपए की हो गई है। यानी कि पांच साल में उनकी संपत्ति साढ़े तीन करोड़ रुपये के करीब बढ़ी है। बता दें कि तेजस्वी यादव ने 2015 में हलफनामे में बताया था कि उन्होंने एक कंपनी को 1 करोड़ 7 लाख का लोन दिया है। वहीं इस बार उन्होंने किसी दूसरी कंपनी को 4 करोड़ 10 लाख रुपए दिए हैं। सुशील मोदी ने कंपनी के नाम और पैसों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि तेजस्वी यादव बिना कोई नौकरी या बिजनेस किए इतने पैसे कहां से लेकर आए।

52 संपत्तियों के मालिक होने पर उठा सवाल

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर महज 31 साल की उम्र में करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तेजस्वी के पास कोई पुश्तैनी संपत्ति नहीं थी इसके अलावा उन्होंने केवल नवी कक्षा तक की पढ़ाई की है। उन्होंने क्रिकेट में भी हाथ आजमाया लेकिन असफल रहे। इसके बावजूद बिना किसी नौकरी और बिजनेस किए वह इतनी संपत्ति के मालिक कैसे बने। बता दे कि तेजस्वी यादव के नाम पर 52 संपत्तियां और उनके प्रताप के नाम पर 28 से ज्यादा संपत्तियां दर्ज है। सुशील मोदी का दावा है कि तेजस्वी यादव ने स्व. रघुनाथ यादव और कांति झा से टिकट और मंत्री पद के बदले में मिले दो मकानों को भी अपनी खरीदी हुई संपत्ति बताया है। साथ ही गोपालगंज स्थित दो मंजिला मकान को केवल ग्राउंड फ्लोर का बताया है।

पिता की तरह जाएंगे जेल

तेजस्वी यादव पर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, अपनी संपत्ति दूसरों के नाम दिखाकर छुपाने, अपराधिक साजिश रचने के कई केस चल रहे हैं। वही आईआरसीटीसी मामले में भी उनके ऊपर चार्जशीट दायर की जा चुकी है। फिलहाल इस मामले में वह बेल पर हैं। लॉकडाउन के चलते इस केस का ट्रायल नहीं हो पाया है। खबर कि इस मामले में तेजस्वी यादव जेल जा सकते हैं। वही सुशील मोदी का कहना है कि इतने आपराधिक मामले और संपत्ति के घपले के बाद तेजस्वी अपने पिता लालू यादव की तरह ही जेल में लंबा समय गुजारने वाले हैं।