मदरसों को बंद करने के असम सरकार के फैसले पर रवि किशन का बड़ा बयान, कह दी ऐसी बात

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दोस्तों जैसा की आप जानते है की चुनाव के आने से पहले सभी नेता अपनी अपनी रोटी सेकने का काम बखूबी करना शुरू कर देते है,अब मुद्दा चाहे जो हो जनता की नज़रो में रहना इनकी खूबी बन जाती है.ताकि सभी इनका समर्थन करे और सपोर्ट करे अभी सम्पूर्ण देश में सुशांत सिंह राजपूत की वजह से देश के बड़े बड़े कलाकार और डाइरेक्टर नारकोटिक्स विभाग की तरफ से नशीले प्रदार्थ सेवन को लेकर चर्चा में है,इसी बिच हमारे एक्टर,नेता रवि किसन काफी चर्चा में रहे अभिनेता और गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने असम में मदरसों को नवम्‍बर में बंद करने के असम सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि मुस्लिम समाज के बच्‍चों को भी हाईटेक होने का हक है। उन्‍होंने बिहार चुनाव के साथ उपचुनाव में भी बीजेपी की जीत का विश्‍वास जताते हुए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्‍होंने कोरोना के शिकार हुए यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना की।


सांसद रवि किशन ने कहा कि असम सरकार ने बहुत सोच समझकर बोला है। उन्‍होंने कहा कि वैदिक शिक्षा और गुरुकुल में भारत सरकार का कोई फंड नहीं होता है। मिशनरी है। मदरसों पर सरकारी लागत लगती है। बाकी धर्म भी आवाज उठाने लगे थे कि उनके साथ ये भेदभाव क्‍यों हो रहा है। रवि किशन ने कहा कि उन्‍हें लगता है कि सही सोच ये है कि मदरसे के बच्‍चे हाईटेक क्‍यों न हों। कम्‍प्‍यूटर और डिजिटल वर्ल्‍ड है। मदरसे के बच्‍चे पिछड़े क्‍यों रहें। मदरसों को बंद न करते हुए उसका स्‍कूलीकरण हो रहा है।

उन्‍होंने कहा कि मदरसे की टीचिंग को देखते हुए इस युग में मोदी जी के भारत में वे हाईटेक हों। उनके लिए भी सरकार सोच रही है। उनके लिए ये बहुत अच्‍छी पहल है। उन मुस्लिम माता-पिता को भी लगता है कि मदरसों का स्‍कूलीकरण होता है तो उनके भी बच्‍चे आगे बढ़ेंगे। विरोध के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि विरोध कांग्रेस कर रही है। विरोध वे लोग कर रहे हैं, जिन्‍हें बिहार और 2022 में यूपी में चुनाव लड़ना है। ये 2020 है। हमें ये सोचकर आगे चलना है कि मदरसे के बच्‍चे भी आगे बढ़ें।