पश्चिम बंगाल में कौन रहेगा किस पर भारी? ममता बनर्जी के आगे अमित शाह फ़ेल?

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बंगाल में सातवें चरण के मतदान में वोटिंग होना है और वहां का माहौल राजनीतिक लिहाज़ से बहुत गरम है दरअसल टीएमसी और बीजेपी में बंगाल में आये दिन भिडंत होती रहती है लेकिन अभी हाल में जब अमित शाह की रैली के दौरान जो हुआ है वो बहुत ज्यादा ही हो गया था लेकिन इन सब बवाल का सीधा फ़ायदा फिलहाल बीजेपी को ही मिल रहा है आपको बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में टीएमसी को 34 सीट मिली थी लेकिन इस बार टीएमसी को अपने प्रदर्शन को लेकर शक है क्योंकि बीजेपी की ध्रुवीकरण की राजनीति कहीं न कहीं बंगाल में सफल होती नज़र आ रही है.

वैसे तो टीएमसी को अपनी सीट 34 से 30 होने की उम्मीद है लेकिन अगर दस प्रतिशत लोग भी बीजेपी के पक्ष में वोट करते हैं तो टीएमसी की सीट सिमट का पचीस के करीब पहुँच जाएगी जो कि टीएमसी के लिए बहुत दिक्कत की बात हो जाएगी क्योंकि टीएमसी का जो वर्चस्व बंगाल में कायम है वो इस बार कमज़ोर होता हुआ दिख रहा है.

मामला यहाँ तक बिगड़ गया है कि खुद वामपंथी नेता अपने समर्थको से बीजेपी को वोट देने के लिए कह रहे हैं और ऐसा इसलिए है क्योंकि वाममोर्चा खुद तो इतना मज़बूत नहीं है कि ममता की पार्टी को टक्कर दे सके लेकिन बीजेपी उसे इस समय मज़बूत नज़र आ रही है हालाँकि ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई पार्टी अपने ही समर्थकों से किसी अन्य पार्टी को वोट देने के लिए कहे.

आपको ये भी बता दें कि फ़िलहाल बीजेपी को जो भी फ़ायदा मिलेगा वो बंगाल के जो 15 हिन्दू बाहुल्य इलाके हैं वहीँ से मिलने की उम्मीद है और अन्य जगहों पर बीजेपी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है वहीँ बंगाल में हिंसा भी बहुत हुई है जो कि बंगाल के लिए बिलकुल भी अच्छी बात नहीं है अब देखना ये होगा कि बीजेपी दीदी के किले में सेंघ लगाने में सफल हो पाती है कि नहीं.