अजब बिहार के गजब नेताजी, बिना जमीन खुद को बता रहे किसान, है करोड़ों की संपत्ति

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शपथ पत्रों के आधार पर बताया गया है कि कुल 42 प्रत्याशियों ने अपना पेशा खेती बताया है, इनमें से दो बाढ से रालोसपा के राकेश सिंह और बीएलआरपी के मोहम्मद तबरेज अंसारी ऐसे हैं, जिनके पास खेती किसानी के लिये जमीन तक नहीं है।

New Delhi, Oct 16 : बिहार विधानसभा चुनाव में खेती, किसानी भी बड़ी मुद्दा माना जा रहा है, शायद यही वजह है कि सूबे की सियासी जंग से पहले एक खास तबके को साधने के लिये बगैर जमीन के ही कई नेता खुद को किसान बता रहे हैं, जबकि कई नेता करोड़ों की संपत्ति के मालिक है, सबसे हैरानी की बात ये है कि ये नेता इस तरह का दावा सार्वजनिक रुप से तब ठोंक रहे हैं, जब देश के किसान की हालत कुछ अच्छी नहीं है, आम किसान की आय प्रति महीना 3558 रुपये है।

खुद को किसान बता रहे
नेताओं के चुनावी हलफनामे से पता चला है कि बिहार में तीन अमीर नेता जो खुद को किसान बता रहे हैं, पहले स्थान पर हैं जदयू के राजीव लोचन, मोकामा विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले इस नेताजी की कुल संपत्ति 9 करोड़ 9 लाख 72 हजार रुपये है, इसमें चल संपत्ति अट्ठारह लाख 72 हजार रुपये की है, जबकि 8 करोड़ 91 लाख रुपये की अचल संपत्ति है।

दूसरे स्थान पर अजय कुमार सिन्हा हैं, जो रालोसपा से हैं और अतरी क्षेत्र से नाता रखते हैं, कुल संपत्ति 6 करोड़ 75 लाख 45 हजार रुपये है, जिसमें 55 लाख 45 हजार रुपये की चल संपत्ति है। तथा 6.20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। तीसरे अमीर किसान नेता हैं बीजेपी के रामाधार सिंह, ये औरंगाबाद से आते हैं, इनकी कुल संपत्ति 4 करोड़ 89 लाख 65 हजार 599 रुपये है, इसमें 80 लाख 14 हजार 599 रुपये की चल और 4 करोड़ 8 लाख 91 हजार की अचल संपत्ति है।

खेती की जमीन नहीं
शपथ पत्रों के आधार पर बताया गया है कि कुल 42 प्रत्याशियों ने अपना पेशा खेती बताया है, इनमें से दो बाढ से रालोसपा के राकेश सिंह और बीएलआरपी के मोहम्मद तबरेज अंसारी ऐसे हैं, जिनके पास खेती किसानी के लिये जमीन तक नहीं है और तो और अचल संपत्ति भी नहीं है, इसे इन्होने शून्य बताया है।