शत्रुओ के नाश हेतु , अनार की लकड़ी से करे ये काम !

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अनार के माध्यम से आप अपनी किस्मत के बंद ताले को खोल सकते हैं। इस बात से शायद आप भी अंजान हैं कि अनार के माध्यम से आप देवी-देवताओं को भी प्रसन्न कर सकते हैं। लेकिन यहां पर आज हम आपसे अनार फल के बारे में नहीं बल्कि अनार की लकड़ी के धार्मिक महत्व के बारे में चर्चा करने वाले हैं।

# अगर आपके काम में बार-बार कोई बाधाएं आ जाती है, तो अनार की लकड़ी का प्रयोग करें। महीने में एक बार राहु के स्वाति नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर घर लाएं।
# लकड़ी तोड़ने से पहले पेड़ से माफी जरूर मांगनी चाहिए। घर लाकर उस लकड़ी पर चावल, फल, मिठाई चढ़ाएं।
#अनार के लकड़ी को शहद,दूध,गंगा जल,दही,घी में एक पूरी रात भिगो कर रख दे,
#सुबह सूर्य उदय से पहले उस लकड़ी को उस पंचामृत से बाहार निकाल कर सम्पूर्ण पंचामृत को या तो पि ले या फिर पीपल के पेड़ को 21 बार गायत्री मंत्र बोलकर पीपल को चढ़ा दे,खुद पीना ही सर्वोत्तम रहेगा

#अनार की लकड़ी को धन के महाराज कुबेर के सामने रख कर लक्ष्मी मंत्र का उच्चारण करे और अपने अनुसार उस लकड़ी के टुकड़े कर के या तो गले में धारण कर सकते है या फिर सम्पूर्ण लकड़ी को अपने पूजा पाठ वाले स्थान पर रख कर रोज़ाना रात को ताम्बे के लोटे या गिलास में पानी भर कर अनार लकड़ी उस में डाल दे और सुबह उठ कर उस पानी का सेवन करे,इससे आप पर कुबेर महाराज और लक्ष्मी देवी की कृपा होगी,राहु आप से दूर रहेगा,शत्रुओ का नाश होगा,कभी कोई आप पर गन्दी,मैली क्रिया नहीं कर पायेगा.
# अनार के पौधे में विष्णु-लक्ष्मी का वास होता है। इसे घर में लगाने से पैसों की तंगी नहीं आती है। अनार की लकड़ी का प्रयोग यंत्र बनाने में भी किया जाता है।
# अनार के पौधे में विष्णु-लक्ष्मी का वास होता है। इसे घर में लगाने से पैसों की तंगी नहीं आती है। अनार की लकड़ी का प्रयोग यंत्र बनाने में भी किया जाता है।

# अगर आपके काम में बार-बार कोई बाधाएं आ जाती है, तो अनार की लकड़ी का प्रयोग करें। महीने में एक बार राहु के स्वाति नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर घर लाएं।
# धूप-दीपक जलाकर पूजा करें, चांदी का ताबीज में अनार की लकड़ी डालकर शनिवार को काले धागे में गले में पहनें। ऐसा करने से आपको शत्रु शांत हो जाएंगे।