लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट प्लेन में खूब घूमा सरकारी अफसर, अब कायदे से बजेगी बैंड……

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ओडिशा के वन विभाग का अधिकारी चार्टर्ड प्लेन के सवारी के चलते मुसीबत में फंस गया है बता दे की सूत्रों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान चले लॉकडाउन में चार्टर्ड प्लेन से घूमने वाले ओडिशा के एक वन अधिकारी पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसा है ऐसा बताया जा रहा है की वन अधिकारी अपने परिवार के साथ न सिर्फ एक बार बल्कि 20 बार चार्टर्ड प्लेन से पटना, मुंबई, दिल्ली और पुणे गया था।




आपको बता दे की एक केंद्रीय एजेंसी ने इस बारे में ओडिशा सरकार को वन अधिकारी की इन सभी यात्राओं के बारे में बताया था और उसके बाद सरकार ने इस अधिकारी पर करवाई की वन विभाग में तैनात 58 साल के अडिशनल प्रिंसिपल चीफ कन्जर्वेटर अभयकांत पाठक नवंबर को उनके भुवनेश्वर, मुंबई, पुणे, बिहार और राजस्थान में एक साथ छापेमारी की गई।

छापेमारी के बाद उनकी संपत्तियों का पता लगा आपको बता दे की पाठक साल 1987 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं जांच के दौरान अधिकारी ने बताया कि पाठक के भुवनेश्वर के क्वॉर्टर्स और ऑफिस में सर्च ऑपरेशन चलाया गया उनके साथ साथ उनके रिश्तेदारों के घर पर भी छापेमारी की गई इस दौरान अधिकारी के यहाँ से काफी मात्रा में कैश और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

पाठक की संपत्ति की पूरी कीमत तभी सामने आ जब सभी जगह से सारा ब्यौरा इकठ्ठा हो जाये, वही अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि पाठक ने अपने बेटे और खुद के लिए चार प्राइवेट बॉडीगॉर्ड रखे हैं और हर बॉडीगॉर्ड को 50 हजार रुपये प्रति महीने सैलरी दी जाती है इसके साथ ही पुरी जिले के पिपली इलाके में रहने वाले पाठक के ड्राइवर के घर से भी भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है।

अधिकारियों ने पाठक के साथ उनके परिवार की और से इस्तेमाल किए जाने वाली 5 महंगी गाड़ियो को भी बरामद किया है उन्होंने पुणे में एक फार्म हाउस किराये पर ले रखा है बता दे की इसका किराया 5 लाख रुपये महीना है इस जांच के दौरान पाठक के भतीजे के यहां से अधिकारियों ने 50 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं अब सवाल है की इसके पास इतना पैसा कहा से आया।