लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट प्लेन में खूब घूमा सरकारी अफसर, अब कायदे से बजेगी बैंड……

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ओडिशा से एक खबर सामने आई है. जिसमें एक वन विभाग का अधिकारी चार्टर्ड प्लेन के सवारी करने की वजह से मुसीबत में फंस गया,इस खुलासे के बाद सभी हैरान है, जानकारी के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान चले लॉकडाउन में चार्टर्ड प्लेन से घूमने वाले ओडिशा के एक वन अधिकारी पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि वन अधिकारी अपने परिवार के साथ एक बार नहीं बल्कि 20 बार चार्टर्ड प्लेन से पटना, मुंबई, दिल्ली और पुणे की यात्रा की थी. एक केंद्रीय एजेंसी ने ओडिशा सरकार को वन अधिकारी की इन यात्राओं के बारे में बताया था,जिसके बाद से सरकार ने इस अधिकारी पर शिकंजा कसा ।

वन विभाग में तैनात अडिशनल प्रिंसिपल चीफ कन्जर्वेटर अभयकांत पाठक जो की 58 साल के है,0 25 नवंबर को उनके भुवनेश्वर, मुंबई, पुणे, बिहार और राजस्थान में एक साथ छापेमारी की गई,जिससे की उनकी संपत्तियों का पता लगाया जा सके. पाठक साल 1987 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं. एक जांच अधिकारी ने बताया कि पाठक के भुवनेश्वर के क्वॉर्टर्स और ऑफिस में सर्च ऑपरेशन चलाया गया ।

उनके कुछ रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी की गई. अधिकारी ने कहा कि छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में कैश और दस्तावेज जब्त किए गए हैं. उनकी संपत्ति की पूरी कीमत तभी सामने आ पाएगी जब सभी जगह से सारा ब्यौरा इकठ्ठा हो जाये, अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि पाठक ने अपने बेटे और खुद के लिए चार प्राइवेट बॉडीगॉर्ड रखे हैं. हर बॉडीगॉर्ड को 50 हजार रुपये प्रति महीने सैलरी दी जाती है.

इसके अलावा पुरी जिले के पिपली इलाके में रहने वाले पाठक के ड्राइवर के घर से भी भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है. जांच अधिकारियों ने पाठक और उसके परिवार की और से इस्तेमाल किए जाने वाली 5 महंगी गाड़ियां भी बरामद की हैं । इसके अलावा उन्होंने पुणे में एक फार्म हाउस किराये पर ले रखा है, जिसका हर महीने किराया 5 लाख रुपये है. सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान पाठक के भतीजे के यहां से अधिकारियों ने 50 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं,अब सवाल ये उठता है की एक सरकारी अधिकारी के पास इतना पैसा कहा से आया ।

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